गीता जयंती व गीता फिर दुनिया की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बने : अशोक छाबड़ा

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गीता जयंती
गीता जयंती

हरियाणा में गूँजी गीता की दिव्य वाणी, संस्कृति–आस्था का अनूठा संगम

मंच से पूरे देश में गया सकारात्मकता, कर्मयोग व आत्मविश्वास का संदेश

जींद : अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अंतर्गत आज ऐतिहासिक गांव रामराय स्थित तीर्थ स्थल पर भव्य उत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। सुबह से ही पूरा क्षेत्र शंखनाद, भजन-कीर्तन और लोक संगीत की पवित्र धुनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम में आए कलाकारों ने कृष्ण रास, कान्हा गुजरिया, भजन और हरियाणवी लोक रंग से सजी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने दर्शकों को प्रभु भक्ति में सराबोर कर दिया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

गीता फिर दुनिया की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बने—अशोक छाबड़ा

मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि गीता जयंती जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान और मूल्य प्रणाली से जोड़ने का बड़ा माध्यम बनते हैं। उन्होंने रोहतक मंडल कला परिषद और हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा “गीता युद्ध का ग्रंथ नहीं, जीवन जीने की सर्वोत्तम कला है। आधुनिक समय की सबसे प्रभावी थेरेपी है।” छाबड़ा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ… शक्ति तुम्हारे भीतर है, बस उसे पहचानो और कर्मयोग में जुट जाओ।” उन्होंने माता-पिता को भी संदेश दिया। कहा कि “श्रद्धा से ही ज्ञान मिलता है। बच्चों को प्रेम दो, वे स्वयं आपके पास लौटेंगे।” समाज में व्याप्त नकारात्मकता पर चिंता जताते हुए उन्होंने गीता का श्रेष्ठ संदेश दोहराया “योगस्थः कुरु कर्माणि… फल की चिंता ही तनाव का मूल है। इसे त्याग दो तो जीवन सहज हो जाता है।”

“अब हम गीता पढ़ेंगे नहीं, गीता बनकर जीएँगे” — अशोक छाबड़ा

मंच से उन्होंने आह्वान किया कि “हम हर व्यक्ति को एक-एक गीता श्लोक सिखाएँगे। नफरत नहीं, प्रेम बाँटेंगे। डरेंगे नहीं, मुकाबला करेंगे।”उन्होंने कहा कि गीता आज भी उतनी ही जीवंत, प्रासंगिक और हर समस्या का सरल समाधान है। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने कलाकार अमन व उनकी टीम का सम्मान किया और उनकी प्रस्तुतियों को सराहा।

ग्रामीणों ने व्यक्त किया धन्यवाद
कार्यक्रम के उपरांत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी, कला एवं सांस्कृतिक विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग तथा अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया का हार्दिक धन्यवाद किया। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की पहल और सहयोग से ही इस तरह का भव्य और सांस्कृतिक समृद्ध आयोजन संभव हो पाया।

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