दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी चर्चा में

45
अल-फलाह यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

डिफेंस एक्सपर्ट्स बोले– ‘व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम का हिस्सा’

दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम बार-बार सामने आ रहा है। यह संस्थान हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत स्थापित किया गया था और लगभग 76 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यूनिवर्सिटी के कुछ स्टाफ और छात्रों के संदिग्ध संपर्कों की जांच कर रही हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने यहां से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ भी की है।

इसी बीच, डिफेंस एक्सपर्ट्स ने यूनिवर्सिटी को ‘व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम’ का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में बैठकर कुछ तत्व वैचारिक और आर्थिक रूप से देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि संस्थान पूरी तरह शिक्षा और अनुसंधान के लिए समर्पित है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि से उसका कोई संबंध नहीं है।

फरीदाबाद पुलिस ने भी कहा है कि वे मामले में हर पहलू से जांच कर रहे हैं और यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मामला संवेदनशील होने के कारण केंद्रीय एजेंसियां, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस मिलकर काम कर रही हैं। ब्लास्ट से जुड़े तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस बीच, सुरक्षा विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि शैक्षणिक संस्थानों में वैचारिक निगरानी के लिए ठोस नीति बनाई जाए ताकि किसी भी रूप में आतंक या चरमपंथी सोच को पनपने से रोका जा सके।

Loading