मुख्य वक्ता वरिंदा मलिक ने कहा— भगवान बिरसा मुंडा और रानी पद्मावती का जीवन त्याग और प्रेरणा का प्रतीक है
सफीदों (जिला जींद), हरियाणा: नगर के राजकीय महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा और रानी पद्मावती की जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. सविता पुनिया ने की। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की शोधार्थी वरिंदा मलिक ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यवक्ता को पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत से हुई। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।
अपने संबोधन में मुख्य वक्ता वरिंदा मलिक ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा एक महान आदिवासी नायक, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे जिनका जीवन परिवर्तन और संघर्ष की प्रेरणा देता है। वहीं रानी पद्मावती का जीवन शौर्य, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। विद्यार्थियों को ऐसे महान विभूतियों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अनुशासन और देशभक्ति की भावना विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या डॉ. सविता पुनिया ने मुख्यवक्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. सरला सहरावत, मंजू देवी, डॉ. शंकर, रिनू, डॉ. सुनील, डॉ. मनजीत, ज्योति कंवल, सरबजीत, डॉ. रुचि भारद्वाज, मोनिका और विकास बंसल मौजूद रहे।
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