चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सदन में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। मामन खान ने सरकारी डॉक्टरों की सैलरी में गड़बड़ी का मामला उठाते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
कांग्रेस विधायक मामन खान ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और कई जगह सैलरी में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इससे डॉक्टरों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
इस पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि अब डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति को बायोमैट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि बायोमैट्रिक अटेंडेंस से कर्मचारियों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड रहेगा और उसी आधार पर सैलरी जारी की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या देरी की समस्या खत्म हो सकेगी।
आरती राव ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अस्पतालों में डॉक्टर नियमित रूप से उपस्थित रहें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई, जिसके बाद मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जल्द ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
![]()











