169 करोड़ की संपत्ति जब्त होगी
हरियाणा पुलिस ने राज्य में बढ़ते संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए “ऑपरेशन ट्रैकडाउन” के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार इस ऑपरेशन में खूंखार अपराधियों द्वारा रचे गए 92 मर्डर प्लानों को विफल किया गया, जिनमें विभिन्न जिलों में होने वाली गैंगवार और टारगेट किलिंग शामिल थीं। पुलिस की इस समय रहते की गई कार्रवाई ने कई बड़े अपराधों को होने से पहले ही रोक दिया।
ऑपरेशन के दौरान प्रदेशभर में सक्रिय बड़े गैंगों, उनके सहयोगियों और फाइनेंसरों की पहचान कर उन पर शिकंजा कसा गया। इसी कड़ी में पुलिस ने अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित 169 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह संपत्तियां जमीन, मकान, वाहनों, बैंक खातों और निवेश के रूप में बताई जा रही हैं, जिन पर अब कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत ऑर्गेनाइज्ड क्राइम से जुड़े 235 मामले दर्ज किए गए, जिनमें रंगदारी, सुपारी किलिंग, हथियार तस्करी, ड्रग्स नेटवर्क और साइबर फाइनेंसिंग जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। कई मामलों में विदेशी हैंडलरों व सीमा पार बैठे अपराधियों की फंडिंग के प्रमाण भी मिले हैं।
पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम विंग और स्थानीय पुलिस इकाइयों ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। कई जिलों में लगातार रेड, निगरानी व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए गैंगस्टरों की गतिविधियों को सीमित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि गैंगस्टरों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए उनकी आर्थिक कमर तोड़ना सबसे प्रभावी उपाय है, इसलिए संपत्ति अटैचमेंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
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