बैग में छिपाकर ले जा रहा था नशा, NDPS एक्ट के तहत सख्त सजा
हरियाणा के करनाल जिले में नशा तस्करी के एक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए नशा सप्लायर को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी को पुलिस ने कुछ समय पहले करनाल क्षेत्र में उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह एक बैग में नशीली गोलियां छिपाकर सप्लाई के लिए ले जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद की गई थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तीन लोगों को भी आरोपी बनाया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों सह-आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मुख्य आरोपी के खिलाफ बरामदगी और अन्य सबूतों को मजबूत मानते हुए अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है, खासकर युवाओं को यह तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। ऐसे मामलों में कठोर सजा देना जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और दूसरों के लिए यह एक चेतावनी बने।
पुलिस अधिकारियों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशे से जुड़े किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
![]()











