सोनीपत के रेसलर की मौत का केस, कोर्ट ने नहीं दिखाई नरमी
दिल्ली की एक अदालत ने चर्चित कुश्ती खिलाड़ी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला हरियाणा के सोनीपत जिले से जुड़े एक युवा पहलवान की मौत से संबंधित है, जिसने पूरे खेल जगत और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और मौजूदा हालात में आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और यदि आरोपी को जमानत दी गई तो गवाहों को प्रभावित करने और जांच को नुकसान पहुंचाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस तर्क से सहमति जताते हुए जमानत देने से साफ इनकार कर दिया।
मृतक पहलवान के परिजनों ने फैसले के बाद न्यायपालिका पर भरोसा जताया, लेकिन साथ ही उन्होंने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग भी दोहराई। परिवार का कहना है कि उनका बेटा एक उभरता हुआ खिलाड़ी था और उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजनों ने इसे केवल हत्या नहीं, बल्कि खेल प्रतिभा की निर्मम हत्या करार दिया।
इस मामले ने न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और खेल जगत में भी गहरी बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर आरोपी के समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार और उनके साथ खड़े लोग न्याय की मांग को लेकर लगातार मुखर हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि मामला अभी लंबा चलने वाला है। आने वाले दिनों में गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी। फिलहाल, आरोपी को जेल में ही रहना होगा और पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद के साथ अगली तारीख का इंतजार है।
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