हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बड़ा झटका: आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं

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Panchkula Wrestler Murder

गैंग लिंक और इलाज में मदद के आरोप भारी पड़े, अदालत ने सख्त रुख अपनाया

पंचकूला में हुए चर्चित पहलवान हत्याकांड में एक अहम मोड़ सामने आया है। मामले से जुड़े बाइक एजेंसी संचालक को अदालत से बड़ा झटका लगा है, जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों और जांच की स्थिति को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पर कुख्यात गैंग से जुड़े शूटर की मदद करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद शूटर को इलाज की जरूरत पड़ी थी, जिसके लिए उसे हिसार लाया गया और निजी स्तर पर उपचार की व्यवस्था कराई गई। इसके अलावा, आरोपी पर यह भी आरोप है कि वह राजस्थान बॉर्डर क्षेत्र से शूटर को सुरक्षित निकालकर हरियाणा लाने में शामिल रहा।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी की भूमिका केवल सहायक तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसने जानबूझकर अपराध के बाद सबूतों को कमजोर करने और आरोपी शूटर को बचाने की कोशिश की। इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि अगर आरोपी को रिहा किया गया, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है या जांच में बाधा डाल सकता है।

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का सीधे तौर पर हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उसे केवल संदेह के आधार पर फंसाया गया है। हालांकि, अदालत ने केस डायरी, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।

यह हत्याकांड पहले ही गैंग कनेक्शन के चलते सुर्खियों में रहा है। पुलिस का दावा है कि वारदात की साजिश और उसके बाद फरारी में कई लोगों ने परोक्ष रूप से मदद की। एजेंसी संचालक की जमानत खारिज होने से जांच को मजबूती मिली है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। कानून-व्यवस्था के लिहाज से यह फैसला अहम माना जा रहा है और इससे यह संदेश भी गया है कि संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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