हाईकोर्ट की समय-सीमा करीब, 12 तारीख को कर्मचारियों का राज्यव्यापी आंदोलन
हरियाणा में लंबे समय से सेवाएं दे रहे कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का मामला एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय-सीमा अब नजदीक है, जबकि सरकार अब तक किसी ठोस समाधान पर नहीं पहुंच पाई है। इस बीच कर्मचारी संगठनों ने 12 तारीख को प्रदेश भर में हड़ताल का ऐलान कर सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।
राज्य में विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों अस्थायी कर्मचारी वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे स्थायी कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो समान वेतन मिल रहा है और न ही सेवा सुरक्षा। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद उम्मीद जगी थी कि सरकार कोई स्पष्ट नीति बनाएगी, लेकिन कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय अड़चनों के चलते मामला अब भी अधर में लटका हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मुद्दे पर बीच का रास्ता तलाशने में जुटी है, ताकि अदालत के आदेशों का पालन भी हो सके और सरकारी खजाने पर अचानक बड़ा बोझ भी न पड़े। संभावित विकल्पों में चरणबद्ध नियमितीकरण, नई सेवा शर्तें या विशेष नीति के तहत समायोजन जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इन विकल्पों को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।
दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 12 तारीख को प्रस्तावित हड़ताल से कई सरकारी सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आम जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष समाधान के लिए प्रयासरत होने का दावा कर रहा है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि सरकार कोई संतुलित रास्ता निकाल पाती है या यह विवाद और गहरा जाता है।
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