रजिस्ट्री व्यवस्था ठप, 10 हजार से ज्यादा फाइलें लटकीं; DRO को दी गई विशेष शक्ति

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Haryana Registry Crisis

तहसीलदारों की हड़ताल से जमीन रजिस्ट्रेशन प्रभावित, कार्रवाई के विरोध में बढ़ा प्रशासनिक टकराव

हरियाणा में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के चलते प्रदेशभर में जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात यह हैं कि अब तक करीब 10 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां लंबित हो चुकी हैं, जिससे आम नागरिकों, किसानों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल की वजह पंचकूला के एक तहसीलदार और दो नायब तहसीलदारों पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई बताई जा रही है। तहसीलदार संघ का आरोप है कि बिना पक्ष सुने और उचित प्रक्रिया के इन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, जो पूरी व्यवस्था के लिए गलत संदेश है। इसी के विरोध में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने सामूहिक रूप से कामकाज ठप कर दिया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने रजिस्ट्रियों के कार्य को आंशिक रूप से सुचारु करने के लिए जिला रजिस्ट्रार (DRO) को विशेष अधिकार प्रदान किए हैं। अब DRO रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और राजस्व कार्य पूरी तरह ठप न हो। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है।

प्रदेश के कई जिलों में लोग रजिस्ट्री कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। तय तारीख पर रजिस्ट्री न होने से बैंक लोन, कब्जा प्रक्रिया और कानूनी सौदे अटक गए हैं। रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है।

वहीं तहसीलदार संघ का स्पष्ट कहना है कि जब तक कार्रवाई वापस नहीं ली जाती या निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर सरकार का तर्क है कि प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

फिलहाल सरकार और अधिकारी वर्ग के बीच बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन समाधान न निकलने की स्थिति में रजिस्ट्री संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

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