नाबालिग ड्राइवर मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई, अब यूनिफॉर्म पहनना भी जरूरी
कैथल जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि हर तीसरा या चौथा चालक नाबालिग पाया जा रहा है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार चेकिंग की जा रही है। इस दौरान ड्राइविंग लाइसेंस, उम्र प्रमाण पत्र, वाहन के दस्तावेज और फिटनेस की जांच की जा रही है। जिन वाहनों को नाबालिग चला रहे हैं, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वाहन मालिकों को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यूनिफॉर्म से चालक की पहचान स्पष्ट होगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। नियमों की अवहेलना करने वाले चालकों के चालान काटे जाएंगे और बार-बार उल्लंघन पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस का मानना है कि नाबालिग चालकों की वजह से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि उन्हें ट्रैफिक नियमों की पूरी जानकारी और अनुभव नहीं होता। हाल के दिनों में जिले में हुए कई छोटे-बड़े हादसों के बाद यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। साथ ही वाहन मालिकों को चेतावनी दी गई है कि वे केवल वैध लाइसेंसधारी और वयस्क चालकों को ही वाहन सौंपें। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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