हाईकोर्ट ने पॉक्सो दोषी की सजा पर लगाई रोक: आरोपी-पीड़िता दोनों थे नाबालिग

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Bail Granted

घटना के समय दोनों की उम्र 18 से कम, हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाकर जमानत दी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए आरोपी की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि घटना के समय आरोपी और पीड़िता, दोनों ही नाबालिग थे, ऐसे में मामले के तथ्यों पर दोबारा गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत भी मंजूर कर दी।

मामले के अनुसार, निचली अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि कथित घटना के समय दोनों पक्षों की उम्र 18 वर्ष से कम थी और दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। ऐसे में पॉक्सो एक्ट की कठोर धाराओं के तहत सजा देना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए माना कि पीड़िता और आरोपी की उम्र को लेकर ट्रायल कोर्ट के फैसले में गंभीर पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि जब दोनों ही नाबालिग हों, तो मामले की कानूनी स्थिति अलग हो जाती है और सजा पर अंतिम फैसला अपील की सुनवाई के बाद ही किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सजा पर रोक लगाई जा रही है, ताकि अपील की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से हो सके। साथ ही आरोपी को जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है, जहां नाबालिगों के बीच संबंधों को सीधे पॉक्सो एक्ट के दायरे में लाकर सख्त सजा दी जाती है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया है कि यह आदेश मामले के अंतिम निपटारे पर असर नहीं डालेगा और अपील के दौरान सभी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

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