चाइनीज डोर से कटी बच्चे की सांस नली, 48 घंटे वेंटिलेटर पर रहा

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Chinese manjha incident

मां के साथ स्कूल जा रहा था बच्चा, ऑपरेशन के बाद हालत स्थिर

करनाल में चाइनीज मांझे (चाइनीज डोर) की वजह से एक मासूम बच्चे की जान पर बन आई। बच्चा अपनी मां के साथ स्कूल जा रहा था, तभी रास्ते में गर्दन पर पतंग की धारदार डोर आकर लिपट गई। डोर इतनी तेज थी कि बच्चे की सांस की नली कट गई और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए तुरंत सर्जरी की। ऑपरेशन कई घंटों तक चला। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की ट्रेकिया (सांस की नली) को गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिसे सर्जरी के जरिए ठीक किया गया।

ऑपरेशन के बाद बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर 48 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चलता रहा। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसे अभी भी निगरानी में रखा गया है।

इस घटना के बाद इलाके में चाइनीज डोर के इस्तेमाल को लेकर लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम खतरनाक मांझा बिक रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

गौरतलब है कि चाइनीज मांझा सिंथेटिक और कांच की परत वाला होता है, जो बेहद धारदार होता है और इंसानों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। प्रशासन पहले भी इसके खिलाफ अभियान चला चुका है, लेकिन सख्ती की कमी के कारण बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।

परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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