कार्य संचालन समिति की बैठक में अवधि पर अंतिम फैसला, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की सक्रिय भागीदारी
हरियाणा की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, क्योंकि इस बार विधानसभा का बजट सत्र अब तक का सबसे लंबा सत्र बनने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कार्यवाही लगभग 27 दिनों तक चलने की संभावना है, जो राज्य के इतिहास में एक रिकॉर्ड माना जाएगा। इस प्रस्तावित अवधि पर अंतिम मुहर कार्य संचालन समिति (BAC) की बैठक में लगाई जाएगी।
सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि विस्तृत चर्चा और विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाई जा रही है। बजट पेश होने के बाद विभागवार अनुदान मांगों, नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। इससे विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर मिल सकेगा।
विपक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि वह इस लंबे सत्र में सक्रिय भूमिका निभाएगा और जनहित से जुड़े सवालों को मजबूती से सदन में रखेगा। माना जा रहा है कि महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबा सत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम हो सकता है, बशर्ते चर्चा सार्थक और परिणामोन्मुखी रहे। अब सबकी नजरें BAC की बैठक पर टिकी हैं, जहां सत्र की तिथियों और एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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