13 जिलों में 25°C से ऊपर तापमान रिकार्ड; मौसम बदलने से रबी फसलों को संभावित असर
हरियाणा में मौसमी बदलाव का असर साफ़ दिख रहा है, जहां 13 जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। यह स्थिति फरवरी के मध्य में असामान्य तौर पर गर्म मौसम का संकेत है, खासकर तब जब आमतौर पर इस समय ठंड बनी रहती है। तापमान के इस बढ़ने से लोगों को कड़कड़ाती सर्दी से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन कृषि क्षेत्र में इसके प्रभाव को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं जैसी रबी फसलों पर अधिक तापमान का असर पड़ सकता है। गेहूं की परिपक्वता और दाने भरने के चरण में अगर तापमान सामान्य से अधिक रहता है तो इससे पैदावार में कमी आ सकती है। वैसे ही पिछले वर्षों में मौसम में बदलाव के कारण रबी फसलों के उत्पादन के संदर्भ में किसान चिंतित रहे हैं, और इस बार भी उच्च तापमान की स्थिति से संभावित नुक़सान की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 13 जिलों में 25°C से ऊपर का तापमान बना हुआ है, जिसमें कुछ स्थानों पर 29°C के करीब तापमान भी दर्ज हुआ है। वहीं, हल्की बारिश की वजह से स्थानीय मौसम में थोड़ी नमी बनी है, लेकिन तापमान बढ़ने की प्रवृत्ति जारी है।
कृषि वैज्ञानिकों और विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में हल्की सिंचाई पर ध्यान दें ताकि मिट्टी की नमी बनाए रखी जा सके। यह विशेष रूप से ऐसे समय में आवश्यक है जब तापमान अपेक्षाकृत उच्च हो और हवा की गर्मी से मिट्टी में नमी की तेजी से कमी हो सकती है। हल्की सिंचाई से फसल को तनाव से बचाया जा सकता है और उत्पादन को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर और नियंत्रित सिंचाई से गेहूं की फसल को तापमान के प्रभाव से बचाया जा सकता है।
किसानों से यह भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे मौसम अपडेट को नजरअंदाज न करें और अपने स्थानीय कृषि अधिकारियों से खेती से जुड़ी सलाह नियमित रूप से लेते रहें।
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