स्थाण्वीश्वर और संगमेश्वर धाम में भस्म अलंकरण, लाखों भक्तों ने जल-अर्पण कर मांगी मनोकामना
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर Kurukshetra में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ऐतिहासिक Sthaneshwar Mahadev Temple और Sangameshwar Mahadev Temple में विशेष पूजा-अर्चना और भस्म श्रृंगार का आयोजन किया गया। मध्यरात्रि के प्रहर में आयोजित भव्य आरती के दौरान पूरा परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व होता है। इसी आस्था के चलते हरियाणा और पंजाब से आए करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर अभिषेक किया। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था बनाई गई।
रात भर चले धार्मिक अनुष्ठानों में शिव मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। भस्म से किए गए विशेष अलंकरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। भक्तों का मानना है कि इस पावन रात्रि में की गई आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए यातायात मार्गों में बदलाव किया गया था। मेडिकल और आपातकालीन सेवाएं भी मुस्तैद रहीं। सुबह तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
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