प्रधान ने आयोग में पेशी का दिया हवाला, विरोधी गुट ने संख्या बल पर उठाए सवाल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सिख धार्मिक प्रबंधन को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) का प्रस्तावित इजलास अचानक रद्द कर दिया गया, जिसके बाद दोनों गुटों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
समिति के प्रधान बलजीत सिंह झींडा ने बैठक स्थगित करने की वजह 20 तारीख को आयोग के समक्ष निर्धारित पेशी को बताया। उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए इजलास टालना जरूरी था। झींडा ने दावा किया कि समिति पूरी तरह संगठित है और सभी निर्णय नियमों के अनुरूप लिए जा रहे हैं।
वहीं, विरोधी खेमे के नेता जगदीश सिंह दादूवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा प्रधान के पास बहुमत नहीं है, इसलिए बैठक से बचने की कोशिश की जा रही है। दादूवाल ने आरोप लगाया कि संख्या बल स्पष्ट होने पर ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने समिति के सदस्यों से पारदर्शिता की मांग की और जल्द खुली बैठक बुलाने पर जोर दिया।
मामले ने धार्मिक प्रबंधन से आगे बढ़कर राजनीतिक रूप ले लिया है। दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थन का दावा कर रहे हैं, जिससे स्थिति और पेचीदा होती जा रही है। कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं के बीच अब सभी की नजर 20 तारीख को होने वाली पेशी पर टिकी है, जहां से आगे की दिशा तय होने की संभावना है।
इजलास रद्द होने के बाद सदस्यों और समर्थकों में भी असमंजस की स्थिति है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
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