मातृभाषा का संरक्षण और संवर्धन सबकी सामूहिक जिम्मेदारी: अरविंद शर्मा

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International Mother Language Day

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मार्गदर्शक अरविंद शर्मा ने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मातृभाषा हमारे स्व की पहली पहचान होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की जड़ें, उसकी संस्कृति, परंपराएं और संस्कार उसकी मातृभाषा से ही जुड़े होते हैं, इसलिए इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने जारी बयान में उन्होंने कहा कि बदलते दौर में जहां लोग आधुनिकता और वैश्वीकरण की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं मातृभाषा का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस भाषा में हम सोचते, समझते और अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं, वही भाषा हमारे व्यक्तित्व की नींव तैयार करती है। अरविंद शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपनी मातृभाषा का सम्मान करना चाहिए और दैनिक जीवन में उसके प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर, परिवार और समाज में मातृभाषा का प्रयोग बढ़ाकर ही हम इसे आने वाली पीढ़ियों तक सहज रूप से पहुंचा सकते हैं। यदि बच्चे बचपन से ही अपनी मातृभाषा से जुड़े रहेंगे तो उनमें अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति स्वाभाविक लगाव विकसित होगा। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में अभिभावकों की विशेष भूमिका है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को मातृभाषा सीखने के लिए प्रेरित करें और उन्हें अपनी भाषा पर गर्व करना सिखाएं। विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं को भी इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए, ताकि बच्चों में भाषाई जागरूकता बढ़े और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

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