पदयात्रा को लेकर तीखी नोकझोंक; मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता के बीच जुबानी जंग
हरियाणा की राजधानी में स्थित हरियाणा विधानसभा के परिसर में कांग्रेस के प्रस्तावित पैदल मार्च को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सदन के बाहर मार्च निकालने की कोशिश की, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित स्थान और प्रक्रिया का पालन जरूरी है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे प्रदर्शन के लिए किसी अन्य स्थान का चयन करें ताकि सदन की कार्यवाही प्रभावित न हो।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी मजबूती से आवाज उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मार्शलों और पुलिस कर्मियों ने विधायकों को निर्धारित दायरे में रहने के लिए कहा। कुछ समय तक नारेबाजी और तीखी बहस का दौर चलता रहा, जिससे सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों को संदेश देने में जुटे हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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