सात माह पहले मिला था संकेत, पत्राचार के बाद तेज हुई जांच
हरियाणा में लगभग 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक मैनेजर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला IDFC First Bank से जुड़े संदिग्ध लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियों और शेल खातों के जरिए भारी रकम इधर-उधर ट्रांसफर की गई।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार को करीब सात महीने पहले ही इस अनियमितता की भनक लग गई थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारी ने संबंधित विभागों को पत्र भेजकर संदिग्ध ट्रांजैक्शनों को लेकर सतर्क किया था। इसके बाद वित्तीय रिकॉर्ड की आंतरिक जांच शुरू की गई, जिसने कथित गड़बड़ियों की परतें खोलनी शुरू कीं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर बड़ी राशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया। कुछ रकम फर्जी संस्थाओं के नाम पर बनाई गई कंपनियों के जरिए घुमाई गई। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रेल को खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। संबंधित खातों को फ्रीज कर दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह मामला वित्तीय निगरानी तंत्र की मजबूती और समय पर अलर्ट सिस्टम की अहमियत को भी दर्शाता है। जांच एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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