पानीपत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर सख्त रुख
पानीपत में पूर्व सरपंच से जुड़े कथित वित्तीय हेरा-फेरी के मामले में अदालत ने जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए संबंधित विभाग का मूल रिकॉर्ड पेश करने के आदेश दिए।
यह मामला ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि सरकारी राशि के उपयोग में गड़बड़ी की गई। इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) की ओर से शिकायत दी गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
सुनवाई के दौरान यह मुद्दा उठा कि जांच एजेंसी ने अब तक मूल दस्तावेज अदालत में पेश नहीं किए हैं। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली तारीख तक संबंधित रजिस्टर, भुगतान विवरण और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड प्रस्तुत किए जाएं, ताकि तथ्यों की सही जांच हो सके।
अदालत ने यह भी कहा कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और रिकॉर्ड के बिना निष्पक्ष जांच संभव नहीं। कोर्ट ने जांच में लापरवाही पर असंतोष जताते हुए कहा कि यदि समय पर दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो सख्त रुख अपनाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभाग से मूल फाइलें मंगाई जा रही हैं और अगली सुनवाई पर सभी दस्तावेज पेश कर दिए जाएंगे।
यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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