सामाजिक कुरीतियों पर हुआ गहन मंथन
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर की जाट धर्मशाला में बेनीवाल महासभा खाप प्रदेश कार्यकारिणी की वार्षिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय प्रधान भरत सिंह बेनीवाल ने की। इस दौरान खाप का वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया और समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने को लेकर कई अहम प्रस्ताव रखे गए। बैठक में बोलते हुए भरत सिंह बेनीवाल ने कहा कि समाज में पारंपरिक मर्यादाओं और संस्कारों को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग उठाई कि गांव की गांव समगोत्र और गवाहड़ में शादियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिना माता-पिता की अनुमति के होने वाली लव मैरिज को कोर्ट द्वारा मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने रिलेशनशिप और समलैंगिकता जैसे मुद्दों पर भी रोक लगाने की मांग की और कहा कि सरकार को इस प्रकार के कानूनों पर पुनर्विचार करना चाहिए। साथ ही ऐसे जोड़ों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी बैठक में रखी गई। बैठक के दौरान समाज में बढ़ती नशाखोरी को लेकर भी चिंता जताई गई। खाप पदाधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि युवाओं को इस बुराई से दूर रखा जा सके। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा बच्चों की अच्छी और उच्च शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। खाप ने निर्णय लिया कि समाज के बच्चों को पढ़ाई और खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे भविष्य में समाज और देश का नाम रोशन कर सकें। बैठक में खाप के जनरल सेक्रेटरी अनिल बेनीवाल व जिला प्रधान सुल्तान सिंह बेनीवाल ने भी अपने विचार रखते हुए बताया कि बेनीवाल खाप को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में कई योजनाएं चलाई जाएंगी। सुल्तान सिंह बेनीवाल ने जानकारी दी कि बेनीवाल गोत्र के मूल पुरुष और महान विभूति चक्रवर्ती सम्राट राजा चकवाबेन के नाम पर बेनीवाल भवन या खाप का चबूतरा बनाया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बेनीवाल समाज के उन दानवीरों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज के विकास और पूर्वजों के इतिहास को संजोने के लिए योगदान दिया है। इसके लिए भविष्य में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। बैठक के अंत में खाप पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से अपील की कि वे सामाजिक एकता को मजबूत करें और बच्चों की शिक्षा, खेल और अच्छे संस्कारों पर विशेष ध्यान दें।
![]()











