पश्चिम एशिया तनाव का असर कारोबार पर

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Israel Iran conflict

प्रदेश का चावल व्यापार प्रभावित

मध्य पूर्व में जारी Israel–Iran conflict के बढ़ते तनाव का असर अब हरियाणा के चावल कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य से होने वाला चावल निर्यात फिलहाल प्रभावित हो गया है, जिससे राइस मिलर्स और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। बताया जा रहा है कि बड़ी मात्रा में चावल बंदरगाहों पर ही अटका हुआ है और शिपमेंट आगे नहीं बढ़ पा रहा।

निर्यात से जुड़े व्यापारियों के अनुसार हरियाणा से बड़ी मात्रा में चावल मध्य पूर्व के कई देशों में भेजा जाता है। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों से जुड़े जोखिमों के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसके चलते लाखों टन चावल बंदरगाहों पर ही फंसा हुआ है और निर्यात प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।

व्यापारियों का कहना है कि इस स्थिति के कारण माल भेजने की लागत भी काफी बढ़ गई है। जहाजों का फ्रेट चार्ज और बीमा प्रीमियम पहले की तुलना में ज्यादा महंगा हो गया है। बढ़ती लागत के कारण कई निर्यातक फिलहाल नई खेप भेजने से बच रहे हैं। इससे राइस मिलर्स को भी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनका तैयार माल गोदामों में जमा होता जा रहा है।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक ऐसी ही बनी रही तो इसका असर पूरे व्यापार पर पड़ सकता है। कई राइस मिलर्स को भुगतान चक्र और स्टॉक प्रबंधन में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही किसानों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

व्यापार संगठनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि निर्यातकों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि शिपमेंट जल्द सामान्य नहीं हुआ तो राज्य के चावल उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है।

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