ईंधन की बिक्री पर कड़ी निगरानी, पंप संचालकों को विशेष निर्देश

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Haryana fuel supply

अचानक बढ़ी मांग के बीच प्रशासन सतर्क;

जरूरत से अधिक पेट्रोल-डीजल देने से बचने के आदेश

हरियाणा में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर पहले से चल रही निगरानी के बीच अब पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी प्रशासन की नजर तेज हो गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में ईंधन की बढ़ती मांग को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत पंप मालिकों से कहा गया है कि वे जरूरत से अधिक ईंधन की बिक्री न करें और सामान्य उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए संतुलित आपूर्ति बनाए रखें।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में डीजल की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। इसके पीछे परिवहन गतिविधियों में तेजी, कृषि कार्यों में उपयोग और कुछ स्थानों पर अतिरिक्त स्टॉक रखने की प्रवृत्ति को कारण माना जा रहा है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने पेट्रोल पंपों पर बिक्री के पैटर्न पर नजर रखने और अनावश्यक भंडारण को रोकने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि जिला स्तर पर आपूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें समय-समय पर पंपों का निरीक्षण भी कर सकती हैं। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर, बिक्री का रिकॉर्ड और भंडारण की स्थिति की जांच की जाएगी। यदि किसी पंप पर नियमों के विरुद्ध बड़ी मात्रा में ईंधन देने या जमाखोरी जैसी स्थिति सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन का कहना है कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की उपलब्धता सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पहुंचे और कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में निगरानी बढ़ाने से बाजार में संतुलन बना रहता है और अफवाहों के कारण होने वाली अनावश्यक खरीदारी को भी रोका जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदें और अफवाहों से बचें।

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