सिलेंडर की कीमत ब्लैक में पहुंची 2000
बिना सिलेंडर दिए ही दिखाई जा रही है रिफिल डिलिवरड़
सफीदों (एस• के• मित्तल) : सफीदों क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि गैस सिलेंडर के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। नगर की विभिन्न गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग अपनी बारी जल्दी आने की उम्मीद में सुबह 5 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को धूप में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। कई परिवारों के लिए रसोई चलाना भी मुश्किल हो गया है। इस किल्लत का फायदा उठाकर ब्लैक मार्केटिंग भी तेजी से बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जहां घरेलू गैस सिलेंडर की निर्धारित कीमत लगभग 922 है, वहीं ब्लैक में इसकी कीमत 2000 तक पहुंच गई है। मजबूरी में कई लोग इतनी ऊंची कीमत पर भी सिलेंडर खरीदने को विवश हैं। ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है। मिस्ड कॉल के माध्यम से बुकिंग करना बेहद मुश्किल हो गया है। कई बार बुकिंग होने के बाद भी डीएसी नंबर नहीं आता, और यदि नंबर आ भी जाता है तो बिना सिलेंडर दिए ही डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है। इस संबंध में कई उपभोक्ताओं ने शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। जहां निर्धारित कीमत में होम डिलीवरी चार्ज शामिल है लेकिन उन्हे सिलेंडर घर की बजाए एजेंसी प्वाईंट पर दिया जा रहा है। उपभोक्ता स्वयं एजेंसी या तय किए गए स्थान से सिलेंडर उठाने के लिए कहा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी और भी अधिक है। वे अपने जरूरी काम छोड़कर सुबह-सुबह शहर पहुंचते हैं, लेकिन कुछ सिलेंडर बांटने के बाद यह कहकर मना कर दिया जाता है कि गैस खत्म हो गई है। ऐसे में उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। स्थिति यह है कि जैसे ही गैस की गाड़ी शहर में पहुंचती है, एजेंसी के बाहर भारी भीड़ जमा हो जाती है और सिलेंडर लेने की होड़ में अफरा-तफरी जैसे हालात बन जाते हैं। हालांकि, गैस एजेंसियां आपूर्ति में कमी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही हैं, जबकि प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की मनमानी पर सख्त रोक लगाई जाए, ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी कार्रवाई हो और उपभोक्ताओं को समय पर तथा पारदर्शी तरीके से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
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