जालंधर में नगर निगम हाउस की बैठक के दौरान सोमवार को 569.40 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। बैठक की शुरुआत से ही माहौल गरम रहा और विपक्षी पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया।
हंगामे के बीच ही मेयर ने बजट प्रस्ताव को पेश किया और महज ढाई मिनट के भीतर इसे पास भी कर दिया गया। विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया और कहा कि बिना चर्चा के इतने बड़े बजट को मंजूरी देना उचित नहीं है।
वहीं, मेयर ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम की आमदनी में सुधार हुआ है और इसी को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए बजट तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, सफाई व्यवस्था, सड़कों और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मेयर ने यह भी दावा किया कि निगम की वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर हुई है, जिससे आने वाले समय में और अधिक विकास कार्य किए जा सकेंगे।
हालांकि, विपक्ष ने चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे और पारदर्शिता की मांग करेंगे।
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