ECHS घोटाले पर CBI की कार्रवाई, डॉक्टरों समेत कई पर केस दर्ज

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CBI FIR Chandigarh

फर्जी बिल बनाकर रिटायर्ड सैनिकों से धोखाधड़ी, अस्पतालों का रिकॉर्ड जब्त

चंडीगढ़ में एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने दो डॉक्टरों और बिलिंग क्लर्कों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर रिटायर्ड सैनिकों के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर सरकारी धन की हेराफेरी की।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले में कई निजी अस्पतालों की भूमिका भी सामने आई है। CBI की टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित अस्पतालों से रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मरीजों के नाम पर ऐसे इलाज और दवाइयों के बिल बनाए गए, जो वास्तव में कभी हुए ही नहीं थे।

ECHS योजना का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े ने योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपियों ने इसी योजना का फायदा उठाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।

CBI अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है। एजेंसी का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें कई लोग मिलकर लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में भी हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो अन्य संबंधित संस्थानों की भी जांच की जाएगी।

फिलहाल, जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।

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