फर्जी बिलों के जरिए हेराफेरी का शक, कई अस्पतालों की जांच दायरे में
चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें एक बिल क्लर्क के घर से करीब 25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह मामला पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य योजना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें फर्जी मेडिकल बिल बनाकर रकम हड़पने की आशंका जताई गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से जाली बिल तैयार कर योजना के तहत भुगतान हासिल कर रहा था। इन बिलों में इलाज और दवाइयों के नाम पर गलत जानकारी दर्ज की जाती थी, जिससे सरकारी फंड का दुरुपयोग किया जा सके।
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं। इन दस्तावेजों में विभिन्न अस्पतालों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं, जिन्हें अब जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस फर्जीवाड़े में अकेला व्यक्ति नहीं बल्कि एक बड़ा नेटवर्क भी शामिल हो सकता है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अस्पतालों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है, जिन्होंने कथित तौर पर इन फर्जी बिलों को मंजूरी दी। अब जांच एजेंसियां अस्पतालों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की जरूरत को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह कुछ लोग सिस्टम का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
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