चंडीगढ़ में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बी-1 टेस्ट के आधार पर प्रमोशन देने के फैसले ने कर्मचारियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है। पहले जहां वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाती थी, वहीं अब नई प्रणाली लागू होने से कई कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
हाल ही में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के फैसले के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है और परिणाम जल्द जारी होने की संभावना है। हालांकि, इस फैसले ने कर्मचारियों के बीच असहमति को और बढ़ा दिया है। कई जवान और कर्मचारी इसे अपने अधिकारों के खिलाफ मानते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अचानक नियमों में बदलाव से उनकी मेहनत और सेवा अवधि का उचित सम्मान नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि नई परीक्षा प्रणाली से अनुभवी कर्मचारियों को नुकसान हो सकता है।
दूसरी ओर, प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से योग्यता और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कार्यक्षमता में सुधार होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विवाद के बीच अब मामला और आगे बढ़ने की संभावना है, क्योंकि विरोध कर रहे कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई तेज हो सकती है।
फिलहाल, सभी की नजरें रिजल्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।
![]()











