फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट रैकेट बेनकाब, बंद कंपनी के नाम जारी हो रहे थे प्रमाण पत्र

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फरीदाबाद में फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने ट्रैवल्स कारोबारियों को निशाना बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक बंद हो चुकी कंपनी के नाम पर वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, एक ट्रैवल्स कारोबारी को शक हुआ जब उसे जारी किए गए फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता पर संदेह हुआ। जांच कराने पर सामने आया कि जिस कंपनी के नाम पर प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, वह लंबे समय से बंद है। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनाते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे। इस तरह वे न केवल लोगों के साथ ठगी कर रहे थे, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे थे।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन घटना के बाद से वे फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जी सर्टिफिकेट से अनफिट वाहन सड़कों पर चल सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी एजेंट के माध्यम से दस्तावेज बनवाने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और केवल अधिकृत स्रोतों से ही प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

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