चंडीगढ़ में एक दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में युवती बालिग है और दोनों के बीच संबंध सहमति से होने के संकेत मिलते हैं। इस आधार पर आरोपी को राहत देते हुए जमानत मंजूर की गई।
मामले के अनुसार, युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसे अलग-अलग होटलों में ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने उसे बहलाकर और दबाव बनाकर संबंध बनाए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और संबंध आपसी सहमति से बने थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने केस से जुड़े तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष ट्रायल के दौरान ही सामने आएगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देना आरोपी को दोषमुक्त घोषित करना नहीं है, बल्कि यह केवल एक अंतरिम राहत है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और सभी पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस फैसले के बाद मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां एक ओर इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखने की बात भी कही जा रही है।
फिलहाल, पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
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