हरियाणा में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित सुधारों के तहत कारोबार शुरू करने और विस्तार करने की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले काफी आसान बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
सरकार ओम्निबस बिल के जरिए विभिन्न नियमों को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे अलग-अलग विभागों में फैली जटिल प्रक्रियाओं को एकीकृत कर पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, नए सिस्टम के लागू होने के बाद उद्योगों को मंजूरी मिलने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
प्रमुख बदलावों में एक यह है कि निवेश से जुड़े प्रस्तावों को 30 दिनों के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे निवेशकों को अनिश्चितता से राहत मिलेगी और वे तेजी से अपने प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकेंगे। साथ ही, लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, जो इस दिशा में सरकार की सक्रियता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से हरियाणा में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग बेहतर हो सकती है। सरल नियमों और तेज प्रक्रियाओं के चलते देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
हालांकि, यह भी जरूरी होगा कि नियमों में ढील के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत रहे, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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