हरियाणा के फतेहाबाद में फसल अवशेष जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी छूट नहीं दी जा रही।
जानकारी के अनुसार, खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने की सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम ने मौके पर जांच की। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग के एडीओ (कृषि विकास अधिकारी) ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन का कहना है कि फसल अवशेष जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। इसके अलावा, इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
सरकार द्वारा पहले ही किसानों को इस तरह की गतिविधियों से बचने के लिए जागरूक किया गया है और वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिस कारण प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि वे पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाएं।
यह कार्रवाई एक संदेश के रूप में देखी जा रही है कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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