फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत प्रस्तावित बांध निर्माण को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। प्रभावित गांवों के किसानों ने पंचायत आयोजित कर प्रशासन और परियोजना अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि बांध बनने से उनके खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते प्रभावित होंगे, जिससे खेती-किसानी और रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
पंचायत में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े कई फैसले बिना स्थानीय लोगों की राय लिए किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि खेतों तक जाने के लिए जो पारंपरिक रास्ते वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे हैं, वे बांध निर्माण के बाद बंद हो सकते हैं। इससे किसानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और कृषि कार्य प्रभावित होंगे।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि यदि परियोजना के तहत निर्माण कार्य किया जाता है तो पहले वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पंचायत के दौरान कई किसानों ने प्रशासन से सीधे संवाद कर समाधान निकालने की अपील की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन किसानों की जमीन, आवाजाही और आजीविका को नजरअंदाज कर किसी भी योजना को लागू करना उचित नहीं होगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित क्षेत्रों का दोबारा सर्वे कराया जाए और ग्रामीणों की सहमति ली जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों पर विचार करने की बात कही जा रही है। वहीं इलाके में इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है और आने वाले दिनों में किसानों की ओर से बड़े प्रदर्शन की संभावना भी जताई जा रही है।
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