नागक्षेत्र सरोवर पर उमड़ा आस्था का संगम

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Nagkshetra Sarovar

अमावस्या पर लोगों ने किया स्नान व हवन 

 

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद के तत्वावधान में नगर के पौराणिक एवं महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर पर अमावस्या के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्नान, हवन एवं तीर्थ परिक्रमा का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल श्रद्धालुओं द्वारा नागक्षेत्र सरोवर में विधिवत स्नान से हुई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति और पितरों की शांति की कामना की। इसके उपरांत नागक्षेत्र मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशाल हवन का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित संजीव गौतम के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर धर्म लाभ अर्जित किया। हवन के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान के नाम का जाप करते हुए नागक्षेत्र सरोवर की परिक्रमा करके क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर पंडित संजीव गौतम ने बताया कि इस बार अमावस्या पर एक अद्भुत संयोग बना है। आज के दिन शनैश्चरी अमावस्या, वट सावित्री व्रत, भावुका अमावस्या और शनि जयंती एक साथ पड़ रही हैं, जो अत्यंत दुर्लभ और फलदायी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि यह संयोग मोक्ष, आरोग्य, कष्टों के निवारण और पितरों की शांति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। उन्होंने आगे कहा कि अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में अत्यधिक पुण्यदायी और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ, हवन और दान-पुण्य से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि साधक को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि नागक्षेत्र सरोवर में लगातार 12 अमावस्या तक स्नान करने से पितृ दोष समाप्त होता है और व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

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