Punjab and Haryana High Court ने कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाईकोर्ट प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई को बढ़ावा देने और सीमित स्तर पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही जजों और कर्मचारियों को कार-पूलिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने की सलाह भी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, अदालत में मामलों की सुनवाई को सुचारु बनाए रखने के लिए डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करने पर फोकस किया जा रहा है। वर्चुअल हियरिंग के जरिए वकीलों और पक्षकारों को भी सुविधा मिलने की बात कही जा रही है। हाईकोर्ट का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से समय की बचत होगी और अदालत की कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि जरूरत के अनुसार कुछ मामलों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जा सकती है। हालांकि अदालत की नियमित कार्यवाही प्रभावित न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की हर सप्ताह समीक्षा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
कार-पूलिंग को लेकर दिए गए सुझाव का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। अदालत परिसर में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या नियंत्रित करने को लेकर भी विचार किया जा रहा है।
कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि डिजिटल सुनवाई और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और तेज हो सकती है। वहीं कुछ वकीलों ने यह भी कहा कि सभी पक्षों के लिए तकनीकी पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी होगा ताकि सुनवाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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