चंडीगढ़ में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील के बाद प्रशासन ने मुफ्त शराब परोसने के मामले को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यदि किसी भी होटल, रेस्टोरेंट या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन करते हुए मुफ्त शराब बांटी गई, तो संबंधित लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर एक रील तेजी से वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर “चुस्की” के साथ वोदका परोसी जाती दिखाई दी। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान संबंधित संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने उससे जवाब मांगा है कि नियमों का उल्लंघन क्यों न माना जाए।
डीसी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि शराब परोसने के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई प्रतिष्ठान प्रचार या ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त शराब वितरित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ी होती हैं।
सूत्रों के अनुसार आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह के मामलों पर निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी।
घटना के बाद शहर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। प्रशासन ने सभी लाइसेंस धारकों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
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