करनाल में राष्ट्रीय बागवानी सम्मेलन का आगाज: 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर होंगे समर्पित

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Karnal Horticulture Conference

करनाल में चार दिवसीय राष्ट्रीय बागवानी सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, शोधकर्ता और किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और विश्वविद्यालय को 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर समर्पित किए जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और आधुनिक तकनीक के उपयोग से बागवानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बेहतर किस्मों के पौधे, वैज्ञानिक तकनीक और अनुसंधान आधारित खेती भविष्य में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।

सम्मेलन के दौरान बागवानी से जुड़ी नई तकनीकों, पौध संरक्षण, जैविक खेती, फल एवं सब्जी उत्पादन तथा बाजार प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिकों ने किसानों को जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने की भी सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर शुरू होने से किसानों को स्थानीय स्तर पर तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। इससे छोटे और मध्यम किसानों को विशेष लाभ मिलेगा तथा बागवानी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि सरकार कृषि और बागवानी क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

सम्मेलन में आए किसानों और विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे।

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