सिरसा के चर्चित होटल में कथित देह व्यापार और मानव तस्करी से जुड़े मामले में अदालत ने होटल संचालिका को राहत देने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने संचालिका की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में पीड़िता की सुरक्षा को महत्वपूर्ण आधार माना गया और यह तर्क रखा गया कि आरोपियों के बाहर आने से गवाहों और पीड़िता पर दबाव पड़ने की आशंका हो सकती है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जानी बाकी है। साथ ही यह भी कहा गया कि पीड़िता को जान-माल का खतरा हो सकता है, इसलिए आरोपियों को जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने की आशंका है। अदालत ने इन तर्कों को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब होटल में कथित रूप से देह व्यापार और मानव तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के आरोप सामने आए। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और पीड़ित पक्ष के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार मामले में नामजद एक यूट्यूबर सहित कई आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले पर क्षेत्रभर की नजर बनी हुई है और लोग जांच के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं।
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