यमुनानगर में पूर्व विधायक की फैक्ट्री पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने अपने किए पर पछतावा जताते हुए कहा कि अपराध की राह चुनना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। उनका कहना है कि गलत संगत और अपराधी तत्वों के प्रभाव में आकर उन्होंने ऐसे कदम उठाए, जिनकी वजह से उनका भविष्य अंधकारमय हो गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे कुछ समय पहले तक सामान्य जीवन जी रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे अपराधी नेटवर्क के संपर्क में आने के बाद परिस्थितियां बदलती चली गईं। उन्होंने दावा किया कि गैंग से जुड़े लोगों के प्रभाव और झूठे वादों के कारण वे आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए। अब गिरफ्तारी के बाद उन्हें अपने फैसलों पर गहरा पछतावा हो रहा है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। आरोपियों से लगातार पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि घटना की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं ताकि मामले की सभी कड़ियां स्पष्ट हो सकें।
इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के अपराधी गिरोहों के प्रभाव में आने की समस्या को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज पैसा कमाने और प्रभावशाली बनने की चाह में कई युवा गलत रास्तों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिसका परिणाम अक्सर उनके और उनके परिवारों के लिए बेहद गंभीर होता है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संबंधित पहलुओं पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले से जुड़े हर तथ्य को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
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