रोहतक में लगी भीषण आग ने व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया। आग की चपेट में आकर करीब दस दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे लाखों रुपये के सामान के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत एक स्थान से हुई थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर इसे नियंत्रित नहीं किया जा सका। देखते ही देखते लपटों ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बाजार में मौजूद ज्वलनशील सामग्री, संकरी गलियां, दुकानों की नजदीकी और आग बुझाने के संसाधनों की तत्काल कमी जैसे कई कारणों ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
आग बढ़ने के साथ दुकानों में रखा सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जलती चली गई। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो गई। बाद में दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना से प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख बन गई। कई व्यापारियों ने बताया कि दुकान में रखा अधिकांश माल पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कुछ दुकानदार भावुक हो उठे और कहा कि उन्होंने अपने कारोबार को खड़ा करने में वर्षों लगाए थे।
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने बाजार क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और आपात स्थिति के लिए पर्याप्त इंतजाम रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
यह घटना एक बार फिर अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और समय पर कार्रवाई की अहमियत को उजागर करती है।
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