हरियाणा के फरीदाबाद में 9 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में आई मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट जांच का केवल एक हिस्सा होती है और अंतिम निष्कर्ष सभी उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े दोनों नाबालिगों से बाल संरक्षण कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान उनके बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों का भी बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी मदद ली जाएगी। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों और अपुष्ट जानकारी से बचें तथा सोशल मीडिया पर नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को साझा न करें। भारतीय कानून के अनुसार, यौन अपराधों से जुड़े मामलों में नाबालिग पीड़ितों और संबंधित बच्चों की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांचाधीन है और अधिकारी सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। अंतिम कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी।
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