हरियाणा के रेवाड़ी में हुए दर्दनाक विस्फोट मामले की जांच अब फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हादसा आईजीएल (IGL) गैस से जुड़ा था या किसी अन्य गैस के रिसाव अथवा तकनीकी कारण से हुआ। रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
इस हादसे में पिता और बेटी की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि मृतक युवती की करीब पांच महीने बाद शादी होने वाली थी। इस दुखद घटना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और संबंधित विभागों की टीमों ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल से गैस पाइपलाइन, उपकरणों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नमूने एकत्र किए गए हैं। इन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विस्फोट किस वजह से हुआ और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की भूमिका थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद उसे अन्य साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के साथ मिलाकर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से गैस पाइपलाइन और घरेलू गैस उपकरणों का उपयोग करते समय सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही किसी भी प्रकार की गैस रिसाव की आशंका होने पर तुरंत संबंधित एजेंसी और प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजर फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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