हरियाणा के रेवाड़ी में वकीलों की हड़ताल के बीच एक महिला अधिवक्ता के अदालत पहुंचने का मामला चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान कोर्ट में उपस्थित होने पर संबंधित महिला वकील पर ₹11 हजार का जुर्माना लगाया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन की ओर से हड़ताल का सामूहिक निर्णय लिया गया था और सभी सदस्यों से उसका पालन करने की अपेक्षा की गई थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। यह बार एसोसिएशन का पक्ष है।
दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने अपनी प्रमुख मांग दोहराते हुए कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक SDM का तबादला नहीं किया जाता। उनका कहना है कि केवल अधिकारी को छुट्टी पर भेजना पर्याप्त नहीं है और उनकी मांग पर स्थायी निर्णय लिया जाना चाहिए। यह प्रदर्शनकारी वकीलों की मांग है।
हड़ताल के चलते अदालतों में न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है। कई मामलों की सुनवाई स्थगित होने से वादकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बार एसोसिएशन का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में औपचारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक होने पर संबंधित पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
![]()











