हरियाणा में सामाजिक मुद्दों को लेकर खाप पंचायतों की ओर से एक अहम पहल की गई है। खाप प्रतिनिधियों ने अपनी सभाओं में हुक्का नहीं रखने का फैसला किया है। पंचायतों का कहना है कि सामाजिक आयोजनों में हुक्के की मौजूदगी को खत्म कर युवाओं को नशे और तंबाकू से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा।
इस फैसले को लेकर हरियाणवी कलाकारों और सिंगर्स की ओर से भी समर्थन जताया गया है। कलाकारों का कहना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए केवल पंचायतों या प्रशासन की कोशिश पर्याप्त नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मामले पर हरियाणवी सिंगर अजय हुड्डा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह खुद भी “दूध का धुला नहीं” हैं और अपने अनुभवों से सीख लेते हुए युवाओं को बेहतर रास्ता अपनाने का संदेश देना चाहते हैं। उनका बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा।
खाप पंचायतों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज में स्वस्थ माहौल तैयार करना है। पंचायतों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नशे से दूर रखने पर भी जोर दिया गया।
प्रतिनिधियों का कहना है कि हुक्का लंबे समय से हरियाणा की ग्रामीण सामाजिक बैठकों का हिस्सा रहा है, लेकिन बदलते समय के साथ सामाजिक आयोजनों में कुछ परंपराओं को बदलने की जरूरत है। उनका मानना है कि हुक्के पर रोक का संदेश विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।
वहीं, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पारंपरिक संस्कृति से जोड़कर देख रहे हैं।
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