कैथल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वेटरनरी डॉक्टर को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि डॉक्टर ने डेयरी संचालक से भैंसों पर लोन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बदले ₹28 हजार की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार, डेयरी संचालक पशुओं पर बैंक लोन लेने की प्रक्रिया पूरी कर रहा था। इस दौरान आवश्यक दस्तावेजों और सत्यापन के लिए वेटरनरी डॉक्टर की रिपोर्ट जरूरी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिपोर्ट और औपचारिकताएं पूरी करने के बदले डॉक्टर ने ₹28 हजार की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने पूरे मामले की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने पैसे स्वीकार किए, टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या यह कोई अकेला मामला है। मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार और जांच एजेंसियां लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है, तो नागरिक तुरंत संबंधित एजेंसी को इसकी सूचना दें। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल आरोपी वेटरनरी डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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