सिरसा में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष और विधायक के बीच नशे के मुद्दे, समर्थकों और आपसी संवाद को लेकर मतभेद सामने आए हैं। दोनों नेताओं की बयानबाजी के बाद स्थानीय कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है।
मामला उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब पार्टी के दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए। नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मुद्दे पर पार्टी की भूमिका को लेकर अलग-अलग राय सामने आने की बात कही जा रही है।
इसके अलावा समर्थकों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच खींचतान की स्थिति दिखाई दी। स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में किस नेता के समर्थकों को प्राथमिकता मिल रही है, इसे लेकर भी विवाद होने की चर्चा है।
विवाद के बीच फोन को लेकर भी नाराजगी सामने आई। बताया जा रहा है कि आपसी बातचीत और संपर्क को लेकर एक पक्ष ने नाराजगी जताई। इससे दोनों नेताओं के बीच दूरी और बढ़ने की बात कही जा रही है।
कांग्रेस में सामने आई इस खींचतान का असर पार्टी की स्थानीय गतिविधियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कार्यकर्ताओं के बीच भी अलग-अलग गुटों को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं।
वहीं पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंदरूनी मतभेदों को दूर करना है। यदि स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच विवाद बढ़ता है तो इसका असर संगठन और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
नशे का मुद्दा सिरसा समेत पूरे हरियाणा में लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के बीच इसी मुद्दे को लेकर मतभेद सामने आने से राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
फिलहाल जिलाध्यक्ष और विधायक के बीच विवाद को लेकर कांग्रेस की स्थानीय राजनीति गर्म है। दोनों पक्षों की ओर से सामने आने वाले बयानों पर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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