हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण वर्तमान सेवा नियमों के विरुद्ध है, और सरकार को इस संबंध में नियमों में संशोधन करने की आवश्यकता है। अदालत ने इस आदेश के साथ सामान्य श्रेणी के दो अधिकारियों को प्रमोशन देने के निर्देश जारी किए हैं।
मामला राज्य सेवा में पदोन्नति के दौरान आरक्षण नीति के लागू होने से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि सरकार ने बिना नियमों में संशोधन किए, प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया, जो कि सेवा नियमों के खिलाफ है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद कहा कि “जब तक सेवा नियमों में स्पष्ट रूप से आरक्षण का प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक पदोन्नति में आरक्षण देना असंवैधानिक माना जाएगा।” कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह जल्द ही नियमों की समीक्षा और आवश्यक संशोधन करे ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद न हों।
फैसले के बाद सामान्य वर्ग के दो अधिकारियों को प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं, जिन्हें पहले आरक्षण नीति के कारण रोका गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां और प्रमोशन सेवा नियमों के अनुसार ही किए जाएं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक ढांचे में बड़ा असर डाल सकता है और अन्य विभागों में भी इस फैसले का प्रभाव दिख सकता है।
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