जींद में जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों से छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर, नगर परिषद सचिव सुमित दहिया, पटवारी नरेश चहल और ठेकेदार सुभाष के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अभिमन्यु चौधरी ने दी है। रानी इंद्रजीत कौर ने आरोपों को गलत बताते हुए मामला तकनीकी त्रुटि का बताया है।
अभिमन्यु चौधरी के अनुसार, उनके दादा बलदेव सिंह ने वर्ष 1965 में जींद के ओपोलो रोड पर 50 कनाल 2 मरला जमीन का फार्म हाउस खरीदा था। अब इस संपत्ति में उनके अलावा मां सुधा चौधरी और बड़े भाई अभिजीत सिंह हिस्सेदार हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी वेबसाइट पर संपत्ति की नौ प्रॉपर्टी आईडी और डिजिटल नक्शा जांचने के दौरान रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली। उनके मुताबिक, डिजिटल सिजरे में खसरा नंबर 65/58 की जगह 65/13 दर्ज किया गया। जमीन का रकबा 50 कनाल 2 मरला से घटाकर 18 कनाल 15 मरला दिखाने और लोकेशन बदलने का भी आरोप है।
अभिमन्यु का दावा है कि दूसरे खसरा नंबर 64/26/3/2 का क्षेत्रफल 79 कनाल 19 मरला से बढ़ाकर 115 कनाल 13 मरला दर्ज किया गया। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो बार रजिस्ट्री कराने की कोशिश का आरोप भी लगाया, हालांकि रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
दूसरी ओर, रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि दोनों संपत्तियां साथ लगती हैं। उनके अनुसार, खसरा नंबर 64 की प्रॉपर्टी आईडी के आवेदन के दौरान सिस्टम ने शिकायतकर्ता की जमीन की लोकेशन उठा ली, जिससे गलत आईडी उनके नाम दर्ज हो गई। उनका कहना है कि डीसी ने रिकॉर्ड में सुधार कर दोबारा पैमाइश तक जमीन की स्थिति यथावत रखने के आदेश दिए थे।
रानी ने जमीन हड़पने के आरोपों से इनकार किया है। सिटी थाना एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
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