हरियाणवी संगीत जगत में कहर खरकिया और म्यूजिक प्रोड्यूसर जयजी उर्फ जय सिंह के बीच गानों के अधिकार, बॉन्ड एग्रीमेंट और भुगतान को लेकर विवाद बढ़ गया है। कहर का दावा है कि जयजी वर्ष 2028 तक उनकी कंपनी के साथ अनुबंध में हैं। वहीं, जयजी ने ऐसे एग्रीमेंट से इनकार करते हुए बकाया भुगतान और सामान लौटाने की मांग की है।
कहर ने आठ अक्टूबर को सोशल मीडिया वीडियो में दावा किया कि जयजी ने अनुबंध के बावजूद उनकी अनुमति के बिना दूसरे कलाकारों के लिए काम किया। उन्होंने 2023 से 2026 के बीच तैयार किए गए गानों पर कॉपीराइट स्ट्राइक देने और कानूनी प्रक्रिया से उन्हें विभिन्न प्लेटफॉर्म से हटवाने की बात कही।
कहर के मुताबिक, जयजी के पास उनके करीब 300 गाने अधूरे हैं और उन्हें 35 महीने का वेतन दिया गया है। उन्होंने जयजी को कंपनी का अनुबंधित कलाकार बताते हुए कानूनी नोटिस भेजने का भी दावा किया।
दस अक्टूबर की रात जयजी ने वीडियो जारी कर इन दावों को चुनौती दी। उन्होंने एक ऑडियो सुनाते हुए बॉन्ड की अवधि पर सवाल उठाए और अपने साथ हुए कथित एग्रीमेंट को सार्वजनिक करने की मांग की। जयजी का आरोप है कि झूठे दावों के जरिए उन्हें स्ट्राइक की धमकी दी जा रही है।
भुगतान के संबंध में जयजी ने कहा कि उन्होंने 160 गानों का मिक्स-मास्टर तैयार किया था। प्रति गाना 15 हजार रुपये के हिसाब से उन्होंने कुल 24 लाख रुपये का दावा किया। उनके अनुसार, यूट्यूब भुगतान के हिसाब में कहर के करीब छह लाख रुपये बनते हैं। यह राशि काटकर उन्होंने बाकी 18 लाख रुपये और अपना सामान लौटाने की मांग की।
जयजी ने दूसरे कलाकारों के गानों पर स्ट्राइक और पुराने विवाद में पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगाए।
इसके बाद कहर ने इंस्टाग्राम पर कुछ दस्तावेज दिखाते हुए हस्ताक्षरित एग्रीमेंट होने का दावा दोहराया और अदालत में पक्ष रखने की बात कही। एग्रीमेंट की वैधता, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और बकाया रकम को लेकर दोनों पक्षों के दावे विवादित हैं।
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